ShubhHaiKya.com

अनुबंध करना — 1 मई 2044

2044-05-01

← अनुबंध करना मुहूर्त हब

22
अशुभ

1 मई 2044 अनुबंध करने के लिए अनुकूल नहीं माना जाता।

आज अनुबंध पर हस्ताक्षर की सलाह नहीं दी जाती। आपके समझौते के मूल्य की रक्षा के लिए स्थगित करने का सुझाव है।

अगला बेहतर दिन

2 मई 204473/100 · शुभ

आज Ideal नहीं — इस तारीख पर क्लिक करें

आज का पंचांग विश्लेषण

1 मई 2044 अनुबंध करना के लिए स्कोर 22/100 है — पंचांग के अनुसार दिन अनुकूल नहीं माना जाता है। आज (रविवार) तिथि Chaturthi (Shukla पक्ष) है, नक्षत्र Mrigashira, योग Atiganda, और करण Vishti। ये तत्व मिलकर अनुबंध करने के निर्णय को आकार देते हैं।

सकारात्मक संकेत: Waxing moon period (Shukla Paksha). सावधानी के बिंदु: Unfavorable lunar day (Chaturthi); Challenging energy period (Atiganda yoga). राहु काल 4:30 PM से 6:00 PM तक सक्रिय है — इस खिड़की में दस्तावेज़ या अंतिम निर्णय टालें। अभिजित मुहूर्त 11:36 AM–12:24 PM को सबसे स्थिर समय माना जाता है।

यदि आप इंतज़ार कर सकते हैं, तो अगला बेहतर दिन 2 मई 2044 है (स्कोर 73/100, Good)। कई परिवार Neutral/Avoid दिन पर तैयारी करते हैं और शुभ तिथि पर अंतिम कदम पूरा करते हैं।

सकारात्मक कारक

  • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चांद)

नकारात्मक कारक

  • अशुभ तिथि (Chaturthi)
  • चुनौतीपूर्ण योग (Atiganda yoga)
  • चुनौतीपूर्ण करण (Vishti)
  • राहु काल सक्रिय 4:30 PM – 6:00 PM

अगली अच्छी तारीखें

संबंधित गतिविधियाँ

शेयर करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 1 मई 2044 अनुबंध करने के लिए अच्छा दिन है?
स्कोर: 22/100 — Avoid. Waxing moon period (Shukla Paksha)
1 मई 2044 अनुबंध करने के लिए सबसे अच्छा समय क्या है?
अभिजित मुहूर्त (11:36 AM – 12:24 PM) सबसे शुभ माना जाता है। राहु काल (4:30 PM – 6:00 PM) से बचें।
1 मई 2044 अनुबंध करने के लिए नकारात्मक कारक क्या हैं?
Unfavorable lunar day (Chaturthi). Challenging energy period (Atiganda yoga). Challenging lunar phase (Vishti). Rahu Kaal active 4:30 PM – 6:00 PM.
अनुबंध करने के लिए अगला अच्छा दिन कब है?
2 मई 2044 का स्कोर 73/100 (Good) है।
पंचांग विवरण
तिथि: Chaturthi (Shukla)
नक्षत्र: Mrigashira
योग: Atiganda
करण: Vishti
राहु काल: 4:30 PM – 6:00 PM
अभिजित: 11:36 AM – 12:24 PM
अनुबंध करना 1 मई 2044 — शुभ मुहूर्त | ShubhHaiKya | ShubhHaiKya.com