ShubhHaiKya.com

अनुबंध करना3 अक्टू॰ 1942

1942-10-03

← अनुबंध करना मुहूर्त हब

20
अशुभ

3 अक्टू॰ 1942 अनुबंध करने के लिए अनुकूल नहीं माना जाता।

आज अनुबंध पर हस्ताक्षर की सलाह नहीं दी जाती। आपके समझौते के मूल्य की रक्षा के लिए स्थगित करने का सुझाव है।

अगला बेहतर दिन

5 अक्टू॰ 194272/100 · शुभ

आज Ideal नहीं — इस तारीख पर क्लिक करें

आज का पंचांग विश्लेषण

3 अक्टू॰ 1942 अनुबंध करना के लिए स्कोर 20/100 है — पंचांग के अनुसार दिन अनुकूल नहीं माना जाता है। आज (शनिवार) तिथि Navami (Krishna पक्ष) है, नक्षत्र Punarvasu, योग Parigha, और करण Taitila। ये तत्व मिलकर अनुबंध करने के निर्णय को आकार देते हैं।

सकारात्मक संकेत: Supportive lunar phase (Taitila). सावधानी के बिंदु: Unfavorable lunar day (Navami); Challenging energy period (Parigha yoga). राहु काल 9:00 AM से 10:30 AM तक सक्रिय है — इस खिड़की में दस्तावेज़ या अंतिम निर्णय टालें। अभिजित मुहूर्त 11:36 AM–12:24 PM को सबसे स्थिर समय माना जाता है।

यदि आप इंतज़ार कर सकते हैं, तो अगला बेहतर दिन 5 अक्टू॰ 1942 है (स्कोर 72/100, Good)। कई परिवार Neutral/Avoid दिन पर तैयारी करते हैं और शुभ तिथि पर अंतिम कदम पूरा करते हैं।

सकारात्मक कारक

  • सहायक करण (Taitila)

नकारात्मक कारक

  • अशुभ तिथि (Navami)
  • चुनौतीपूर्ण योग (Parigha yoga)
  • कम शुभ वार
  • राहु काल सक्रिय 9:00 AM – 10:30 AM

अगली अच्छी तारीखें

संबंधित गतिविधियाँ

शेयर करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 3 अक्टू॰ 1942 अनुबंध करने के लिए अच्छा दिन है?
स्कोर: 20/100 — Avoid. Supportive lunar phase (Taitila)
3 अक्टू॰ 1942 अनुबंध करने के लिए सबसे अच्छा समय क्या है?
अभिजित मुहूर्त (11:36 AM – 12:24 PM) सबसे शुभ माना जाता है। राहु काल (9:00 AM – 10:30 AM) से बचें।
3 अक्टू॰ 1942 अनुबंध करने के लिए नकारात्मक कारक क्या हैं?
Unfavorable lunar day (Navami). Challenging energy period (Parigha yoga). Less favorable day of the week. Rahu Kaal active 9:00 AM – 10:30 AM.
अनुबंध करने के लिए अगला अच्छा दिन कब है?
5 अक्टू॰ 1942 का स्कोर 72/100 (Good) है।
पंचांग विवरण
तिथि: Navami (Krishna)
नक्षत्र: Punarvasu
योग: Parigha
करण: Taitila
राहु काल: 9:00 AM10:30 AM
अभिजित: 11:36 AM12:24 PM
अनुबंध करना 3 अक्टू॰ 1942 — शुभ मुहूर्त | ShubhHaiKya | ShubhHaiKya.com