ShubhHaiKya.com

अनुबंध करना4 जुल॰ 1942

1942-07-04

← अनुबंध करना मुहूर्त हब

45
सामान्य

4 जुल॰ 1942 अनुबंध करने के लिए सामान्य दिन है। सावधानी से आगे बढ़ें।

आज अनुबंध पर हस्ताक्षर के लिए मिश्रित दिन है। यदि हस्ताक्षर प्रतीक्षा कर सकता है, तो बेहतर दिन मजबूत परिणाम दे सकता है।

अगला बेहतर दिन

15 जुल॰ 194288/100 · उत्तम

आज Ideal नहीं — इस तारीख पर क्लिक करें

आज का पंचांग विश्लेषण

4 जुल॰ 1942 अनुबंध करना के लिए स्कोर 45/100 है — पंचांग के अनुसार दिन मिश्रित माना जाता है। आज (शनिवार) तिथि Saptami (Krishna पक्ष) है, नक्षत्र Purva Bhadrapada, योग Saubhagya, और करण Vishti। ये तत्व मिलकर अनुबंध करने के निर्णय को आकार देते हैं।

सकारात्मक संकेत: Positive energy alignment (Saubhagya yoga). सावधानी के बिंदु: Less favorable day of the week; Challenging lunar phase (Vishti). राहु काल 9:00 AM से 10:30 AM तक सक्रिय है — इस खिड़की में दस्तावेज़ या अंतिम निर्णय टालें। अभिजित मुहूर्त 11:36 AM–12:24 PM को सबसे स्थिर समय माना जाता है।

यदि आप इंतज़ार कर सकते हैं, तो अगला बेहतर दिन 15 जुल॰ 1942 है (स्कोर 88/100, Excellent)। कई परिवार Neutral/Avoid दिन पर तैयारी करते हैं और शुभ तिथि पर अंतिम कदम पूरा करते हैं।

सकारात्मक कारक

  • सकारात्मक योग (Saubhagya yoga)

नकारात्मक कारक

  • कम शुभ वार
  • चुनौतीपूर्ण करण (Vishti)
  • राहु काल सक्रिय 9:00 AM – 10:30 AM

अगली अच्छी तारीखें

संबंधित गतिविधियाँ

शेयर करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 4 जुल॰ 1942 अनुबंध करने के लिए अच्छा दिन है?
स्कोर: 45/100 — Neutral. Positive energy alignment (Saubhagya yoga)
4 जुल॰ 1942 अनुबंध करने के लिए सबसे अच्छा समय क्या है?
अभिजित मुहूर्त (11:36 AM – 12:24 PM) सबसे शुभ माना जाता है। राहु काल (9:00 AM – 10:30 AM) से बचें।
4 जुल॰ 1942 अनुबंध करने के लिए नकारात्मक कारक क्या हैं?
Less favorable day of the week. Challenging lunar phase (Vishti). Rahu Kaal active 9:00 AM – 10:30 AM.
अनुबंध करने के लिए अगला अच्छा दिन कब है?
15 जुल॰ 1942 का स्कोर 88/100 (Excellent) है।
पंचांग विवरण
तिथि: Saptami (Krishna)
नक्षत्र: Purva Bhadrapada
योग: Saubhagya
करण: Vishti
राहु काल: 9:00 AM10:30 AM
अभिजित: 11:36 AM12:24 PM
अनुबंध करना 4 जुल॰ 1942 — शुभ मुहूर्त | ShubhHaiKya | ShubhHaiKya.com