ShubhHaiKya.com

दुकान खोलना29 अग॰ 2110

2110-08-29

← दुकान खोलना मुहूर्त हब

46
सामान्य

29 अग॰ 2110 दुकान खोलने के लिए सामान्य दिन है। सावधानी से आगे बढ़ें।

आज दुकान खोलने के लिए औसत दिन है। मिश्रित पंचांग संकेत सावधानी सुझाते हैं।

अगला बेहतर दिन

3 सित॰ 211080/100 · उत्तम

आज Ideal नहीं — इस तारीख पर क्लिक करें

आज का पंचांग विश्लेषण

29 अग॰ 2110 दुकान खोलना के लिए स्कोर 46/100 है — पंचांग के अनुसार दिन मिश्रित माना जाता है। आज (शुक्रवार) तिथि Purnima (Shukla पक्ष) है, नक्षत्र Dhanishta, योग Atiganda, और करण Vishti। ये तत्व मिलकर दुकान खोलने के निर्णय को आकार देते हैं।

सकारात्मक संकेत: Favorable day of the week; Waxing moon period (Shukla Paksha). सावधानी के बिंदु: Challenging energy period (Atiganda yoga); Challenging lunar phase (Vishti). राहु काल 10:30 AM से 12:00 PM तक सक्रिय है — इस खिड़की में दस्तावेज़ या अंतिम निर्णय टालें। अभिजित मुहूर्त 11:36 AM–12:24 PM को सबसे स्थिर समय माना जाता है।

यदि आप इंतज़ार कर सकते हैं, तो अगला बेहतर दिन 3 सित॰ 2110 है (स्कोर 80/100, Excellent)। कई परिवार Neutral/Avoid दिन पर तैयारी करते हैं और शुभ तिथि पर अंतिम कदम पूरा करते हैं।

सकारात्मक कारक

  • शुभ वार
  • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चांद)

नकारात्मक कारक

  • चुनौतीपूर्ण योग (Atiganda yoga)
  • चुनौतीपूर्ण करण (Vishti)
  • राहु काल सक्रिय 10:30 AM – 12:00 PM

अगली अच्छी तारीखें

संबंधित गतिविधियाँ

शेयर करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 29 अग॰ 2110 दुकान खोलने के लिए अच्छा दिन है?
स्कोर: 46/100 — Neutral. Favorable day of the week
29 अग॰ 2110 दुकान खोलने के लिए सबसे अच्छा समय क्या है?
अभिजित मुहूर्त (11:36 AM – 12:24 PM) सबसे शुभ माना जाता है। राहु काल (10:30 AM – 12:00 PM) से बचें।
29 अग॰ 2110 दुकान खोलने के लिए नकारात्मक कारक क्या हैं?
Challenging energy period (Atiganda yoga). Challenging lunar phase (Vishti). Rahu Kaal active 10:30 AM – 12:00 PM.
दुकान खोलने के लिए अगला अच्छा दिन कब है?
3 सित॰ 2110 का स्कोर 80/100 (Excellent) है।
पंचांग विवरण
तिथि: Purnima (Shukla)
नक्षत्र: Dhanishta
योग: Atiganda
करण: Vishti
राहु काल: 10:30 AM12:00 PM
अभिजित: 11:36 AM12:24 PM
दुकान खोलना 29 अग॰ 2110 — शुभ मुहूर्त | ShubhHaiKya | ShubhHaiKya.com