ShubhHaiKya.com

दुकान खोलना16 अक्टू॰ 2109

2109-10-16

← दुकान खोलना मुहूर्त हब

27
अशुभ

16 अक्टू॰ 2109 दुकान खोलने के लिए अनुकूल नहीं माना जाता।

आज दुकान खोलने की सलाह नहीं दी जाती। बेहतर दीर्घकालिक संभावनाओं के लिए अधिक शुभ तिथि चुनें।

अगला बेहतर दिन

17 अक्टू॰ 210980/100 · उत्तम

आज Ideal नहीं — इस तारीख पर क्लिक करें

आज का पंचांग विश्लेषण

16 अक्टू॰ 2109 दुकान खोलना के लिए स्कोर 27/100 है — पंचांग के अनुसार दिन अनुकूल नहीं माना जाता है। आज (बुधवार) तिथि Saptami (Krishna पक्ष) है, नक्षत्र Ardra, योग Parigha, और करण Vishti। ये तत्व मिलकर दुकान खोलने के निर्णय को आकार देते हैं।

सकारात्मक संकेत: Favorable day of the week. सावधानी के बिंदु: Challenging nakshatra (Ardra); Challenging energy period (Parigha yoga). राहु काल 12:00 PM से 1:30 PM तक सक्रिय है — इस खिड़की में दस्तावेज़ या अंतिम निर्णय टालें। अभिजित मुहूर्त 11:36 AM–12:24 PM को सबसे स्थिर समय माना जाता है।

यदि आप इंतज़ार कर सकते हैं, तो अगला बेहतर दिन 17 अक्टू॰ 2109 है (स्कोर 80/100, Excellent)। कई परिवार Neutral/Avoid दिन पर तैयारी करते हैं और शुभ तिथि पर अंतिम कदम पूरा करते हैं।

सकारात्मक कारक

  • शुभ वार

नकारात्मक कारक

  • चुनौतीपूर्ण नक्षत्र (Ardra)
  • चुनौतीपूर्ण योग (Parigha yoga)
  • चुनौतीपूर्ण करण (Vishti)
  • राहु काल सक्रिय 12:00 PM – 1:30 PM

अगली अच्छी तारीखें

संबंधित गतिविधियाँ

शेयर करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 16 अक्टू॰ 2109 दुकान खोलने के लिए अच्छा दिन है?
स्कोर: 27/100 — Avoid. Favorable day of the week
16 अक्टू॰ 2109 दुकान खोलने के लिए सबसे अच्छा समय क्या है?
अभिजित मुहूर्त (11:36 AM – 12:24 PM) सबसे शुभ माना जाता है। राहु काल (12:00 PM – 1:30 PM) से बचें।
16 अक्टू॰ 2109 दुकान खोलने के लिए नकारात्मक कारक क्या हैं?
Challenging nakshatra (Ardra). Challenging energy period (Parigha yoga). Challenging lunar phase (Vishti). Rahu Kaal active 12:00 PM – 1:30 PM.
दुकान खोलने के लिए अगला अच्छा दिन कब है?
17 अक्टू॰ 2109 का स्कोर 80/100 (Excellent) है।
पंचांग विवरण
तिथि: Saptami (Krishna)
नक्षत्र: Ardra
योग: Parigha
करण: Vishti
राहु काल: 12:00 PM1:30 PM
अभिजित: 11:36 AM12:24 PM
दुकान खोलना 16 अक्टू॰ 2109 — शुभ मुहूर्त | ShubhHaiKya | ShubhHaiKya.com