ShubhHaiKya.com

दुकान खोलना6 अप्रैल 1933

1933-04-06

← दुकान खोलना मुहूर्त हब

54
सामान्य

6 अप्रैल 1933 दुकान खोलने के लिए सामान्य दिन है। सावधानी से आगे बढ़ें।

आज दुकान खोलने के लिए औसत दिन है। मिश्रित पंचांग संकेत सावधानी सुझाते हैं।

अगला बेहतर दिन

8 अप्रैल 193376/100 · शुभ

आज Ideal नहीं — इस तारीख पर क्लिक करें

आज का पंचांग विश्लेषण

6 अप्रैल 1933 दुकान खोलना के लिए स्कोर 54/100 है — पंचांग के अनुसार दिन मिश्रित माना जाता है। आज (गुरुवार) तिथि Ekadashi (Shukla पक्ष) है, नक्षत्र Ashlesha, योग Shoola, और करण Vanija। ये तत्व मिलकर दुकान खोलने के निर्णय को आकार देते हैं।

सकारात्मक संकेत: Favorable lunar day (Ekadashi); Favorable day of the week. सावधानी के बिंदु: Challenging nakshatra (Ashlesha); Challenging energy period (Shoola yoga). राहु काल 1:30 PM से 3:00 PM तक सक्रिय है — इस खिड़की में दस्तावेज़ या अंतिम निर्णय टालें। अभिजित मुहूर्त 11:36 AM–12:24 PM को सबसे स्थिर समय माना जाता है।

यदि आप इंतज़ार कर सकते हैं, तो अगला बेहतर दिन 8 अप्रैल 1933 है (स्कोर 76/100, Good)। कई परिवार Neutral/Avoid दिन पर तैयारी करते हैं और शुभ तिथि पर अंतिम कदम पूरा करते हैं।

सकारात्मक कारक

  • शुभ तिथि (Ekadashi)
  • शुभ वार
  • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चांद)

नकारात्मक कारक

  • चुनौतीपूर्ण नक्षत्र (Ashlesha)
  • चुनौतीपूर्ण योग (Shoola yoga)
  • राहु काल सक्रिय 1:30 PM – 3:00 PM

अगली अच्छी तारीखें

संबंधित गतिविधियाँ

शेयर करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 6 अप्रैल 1933 दुकान खोलने के लिए अच्छा दिन है?
स्कोर: 54/100 — Neutral. Favorable lunar day (Ekadashi)
6 अप्रैल 1933 दुकान खोलने के लिए सबसे अच्छा समय क्या है?
अभिजित मुहूर्त (11:36 AM – 12:24 PM) सबसे शुभ माना जाता है। राहु काल (1:30 PM – 3:00 PM) से बचें।
6 अप्रैल 1933 दुकान खोलने के लिए नकारात्मक कारक क्या हैं?
Challenging nakshatra (Ashlesha). Challenging energy period (Shoola yoga). Rahu Kaal active 1:30 PM – 3:00 PM.
दुकान खोलने के लिए अगला अच्छा दिन कब है?
8 अप्रैल 1933 का स्कोर 76/100 (Good) है।
पंचांग विवरण
तिथि: Ekadashi (Shukla)
नक्षत्र: Ashlesha
योग: Shoola
करण: Vanija
राहु काल: 1:30 PM3:00 PM
अभिजित: 11:36 AM12:24 PM
दुकान खोलना 6 अप्रैल 1933 — शुभ मुहूर्त | ShubhHaiKya | ShubhHaiKya.com