ShubhHaiKya.com

नई नौकरी शुरू करना2 मई 1965

1965-05-02

← नई नौकरी शुरू करना मुहूर्त हब

49
सामान्य

2 मई 1965 नई नौकरी शुरू करने के लिए सामान्य दिन है। सावधानी से आगे बढ़ें।

आज नई नौकरी शुरू करने के लिए मिश्रित दिन है। यदि शामिल होने की तारीख तय है, तो शुभ समय में घर से निकलें।

अगला बेहतर दिन

3 मई 196587/100 · उत्तम

आज Ideal नहीं — इस तारीख पर क्लिक करें

आज का पंचांग विश्लेषण

2 मई 1965 नई नौकरी शुरू करना के लिए स्कोर 49/100 है — पंचांग के अनुसार दिन मिश्रित माना जाता है। आज (रविवार) तिथि Pratipada (Shukla पक्ष) है, नक्षत्र Bharani, योग Saubhagya, और करण Bava। ये तत्व मिलकर नई नौकरी शुरू करने के निर्णय को आकार देते हैं।

सकारात्मक संकेत: Positive energy alignment (Saubhagya yoga); Supportive lunar phase (Bava). सावधानी के बिंदु: Challenging nakshatra (Bharani). राहु काल 4:30 PM से 6:00 PM तक सक्रिय है — इस खिड़की में दस्तावेज़ या अंतिम निर्णय टालें। अभिजित मुहूर्त 11:36 AM–12:24 PM को सबसे स्थिर समय माना जाता है।

यदि आप इंतज़ार कर सकते हैं, तो अगला बेहतर दिन 3 मई 1965 है (स्कोर 87/100, Excellent)। कई परिवार Neutral/Avoid दिन पर तैयारी करते हैं और शुभ तिथि पर अंतिम कदम पूरा करते हैं।

सकारात्मक कारक

  • सकारात्मक योग (Saubhagya yoga)
  • सहायक करण (Bava)
  • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चांद)

नकारात्मक कारक

  • चुनौतीपूर्ण नक्षत्र (Bharani)
  • राहु काल सक्रिय 4:30 PM – 6:00 PM

अगली अच्छी तारीखें

संबंधित गतिविधियाँ

शेयर करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 2 मई 1965 नई नौकरी शुरू करने के लिए अच्छा दिन है?
स्कोर: 49/100 — Neutral. Positive energy alignment (Saubhagya yoga)
2 मई 1965 नई नौकरी शुरू करने के लिए सबसे अच्छा समय क्या है?
अभिजित मुहूर्त (11:36 AM – 12:24 PM) सबसे शुभ माना जाता है। राहु काल (4:30 PM – 6:00 PM) से बचें।
2 मई 1965 नई नौकरी शुरू करने के लिए नकारात्मक कारक क्या हैं?
Challenging nakshatra (Bharani). Rahu Kaal active 4:30 PM – 6:00 PM.
नई नौकरी शुरू करने के लिए अगला अच्छा दिन कब है?
3 मई 1965 का स्कोर 87/100 (Excellent) है।
पंचांग विवरण
तिथि: Pratipada (Shukla)
नक्षत्र: Bharani
योग: Saubhagya
करण: Bava
राहु काल: 4:30 PM6:00 PM
अभिजित: 11:36 AM12:24 PM
नई नौकरी शुरू करना 2 मई 1965 — शुभ मुहूर्त | ShubhHaiKya | ShubhHaiKya.com