ShubhHaiKya.com

सगाई12 अक्टू॰ 1941

1941-10-12

← सगाई मुहूर्त हब

21
अशुभ

12 अक्टू॰ 1941 सगाई करने के लिए अनुकूल नहीं माना जाता।

आज सगाई समारोह की सलाह नहीं दी जाती। अधिक शुभ तिथि बेहतर नींव रखेगी।

अगला बेहतर दिन

17 अक्टू॰ 194172/100 · शुभ

आज Ideal नहीं — इस तारीख पर क्लिक करें

आज का पंचांग विश्लेषण

12 अक्टू॰ 1941 सगाई के लिए स्कोर 21/100 है — पंचांग के अनुसार दिन अनुकूल नहीं माना जाता है। आज (रविवार) तिथि Saptami (Krishna पक्ष) है, नक्षत्र Ardra, योग Parigha, और करण Vishti। ये तत्व मिलकर सगाई करने के निर्णय को आकार देते हैं।

सकारात्मक संकेत: Abhijit Muhurat available (11:36 AM – 12:24 PM). सावधानी के बिंदु: Challenging nakshatra (Ardra); Challenging energy period (Parigha yoga). राहु काल 4:30 PM से 6:00 PM तक सक्रिय है — इस खिड़की में दस्तावेज़ या अंतिम निर्णय टालें। अभिजित मुहूर्त 11:36 AM–12:24 PM को सबसे स्थिर समय माना जाता है।

यदि आप इंतज़ार कर सकते हैं, तो अगला बेहतर दिन 17 अक्टू॰ 1941 है (स्कोर 72/100, Good)। कई परिवार Neutral/Avoid दिन पर तैयारी करते हैं और शुभ तिथि पर अंतिम कदम पूरा करते हैं।

सकारात्मक कारक

  • अभिजित मुहूर्त उपलब्ध (11:36 AM – 12:24 PM)

नकारात्मक कारक

  • चुनौतीपूर्ण नक्षत्र (Ardra)
  • चुनौतीपूर्ण योग (Parigha yoga)
  • चुनौतीपूर्ण करण (Vishti)
  • राहु काल सक्रिय 4:30 PM – 6:00 PM

अगली अच्छी तारीखें

संबंधित गतिविधियाँ

शेयर करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 12 अक्टू॰ 1941 सगाई करने के लिए अच्छा दिन है?
स्कोर: 21/100 — Avoid. Abhijit Muhurat available (11:36 AM – 12:24 PM)
12 अक्टू॰ 1941 सगाई करने के लिए सबसे अच्छा समय क्या है?
अभिजित मुहूर्त (11:36 AM – 12:24 PM) सबसे शुभ माना जाता है। राहु काल (4:30 PM – 6:00 PM) से बचें।
12 अक्टू॰ 1941 सगाई करने के लिए नकारात्मक कारक क्या हैं?
Challenging nakshatra (Ardra). Challenging energy period (Parigha yoga). Challenging lunar phase (Vishti). Rahu Kaal active 4:30 PM – 6:00 PM.
सगाई करने के लिए अगला अच्छा दिन कब है?
17 अक्टू॰ 1941 का स्कोर 72/100 (Good) है।
पंचांग विवरण
तिथि: Saptami (Krishna)
नक्षत्र: Ardra
योग: Parigha
करण: Vishti
राहु काल: 4:30 PM6:00 PM
अभिजित: 11:36 AM12:24 PM
सगाई 12 अक्टू॰ 1941 — शुभ मुहूर्त | ShubhHaiKya | ShubhHaiKya.com