ShubhHaiKya.com

अन्नप्राशन — 28 अग॰ 2065

2065-08-28

← अन्नप्राशन मुहूर्त हब

49
सामान्य

28 अग॰ 2065 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए सामान्य दिन है। सावधानी से आगे बढ़ें।

आज अन्नप्राशन के लिए औसत दिन है। यदि तिथि तय है, तो सुनिश्चित करें कि भोजन सर्वोत्तम समय में हो।

अगला बेहतर दिन

2 सित॰ 2065100/100 · उत्तम

आज Ideal नहीं — इस तारीख पर क्लिक करें

आज का पंचांग विश्लेषण

28 अग॰ 2065 अन्नप्राशन के लिए स्कोर 49/100 है — पंचांग के अनुसार दिन मिश्रित माना जाता है। आज (शुक्रवार) तिथि Dwadashi (Krishna पक्ष) है, नक्षत्र Punarvasu, योग Vyatipata, और करण Kaulava। ये तत्व मिलकर अन्नप्राशन संस्कार करने के निर्णय को आकार देते हैं।

सकारात्मक संकेत: Favorable day of the week; Supportive lunar phase (Kaulava). सावधानी के बिंदु: Challenging energy period (Vyatipata yoga). राहु काल 10:30 AM से 12:00 PM तक सक्रिय है — इस खिड़की में दस्तावेज़ या अंतिम निर्णय टालें। अभिजित मुहूर्त 11:36 AM–12:24 PM को सबसे स्थिर समय माना जाता है।

यदि आप इंतज़ार कर सकते हैं, तो अगला बेहतर दिन 2 सित॰ 2065 है (स्कोर 100/100, Excellent)। कई परिवार Neutral/Avoid दिन पर तैयारी करते हैं और शुभ तिथि पर अंतिम कदम पूरा करते हैं।

सकारात्मक कारक

  • शुभ वार
  • सहायक करण (Kaulava)

नकारात्मक कारक

  • चुनौतीपूर्ण योग (Vyatipata yoga)
  • राहु काल सक्रिय 10:30 AM – 12:00 PM

अगली अच्छी तारीखें

संबंधित गतिविधियाँ

शेयर करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 28 अग॰ 2065 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए अच्छा दिन है?
स्कोर: 49/100 — Neutral. Favorable day of the week
28 अग॰ 2065 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए सबसे अच्छा समय क्या है?
अभिजित मुहूर्त (11:36 AM – 12:24 PM) सबसे शुभ माना जाता है। राहु काल (10:30 AM – 12:00 PM) से बचें।
28 अग॰ 2065 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए नकारात्मक कारक क्या हैं?
Challenging energy period (Vyatipata yoga). Rahu Kaal active 10:30 AM – 12:00 PM.
अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए अगला अच्छा दिन कब है?
2 सित॰ 2065 का स्कोर 100/100 (Excellent) है।
पंचांग विवरण
तिथि: Dwadashi (Krishna)
नक्षत्र: Punarvasu
योग: Vyatipata
करण: Kaulava
राहु काल: 10:30 AM – 12:00 PM
अभिजित: 11:36 AM – 12:24 PM
अन्नप्राशन 28 अग॰ 2065 — शुभ मुहूर्त | ShubhHaiKya | ShubhHaiKya.com