ShubhHaiKya.com

अन्नप्राशन — 21 मई 2046

2046-05-21

← अन्नप्राशन मुहूर्त हब

50
सामान्य

21 मई 2046 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए सामान्य दिन है। सावधानी से आगे बढ़ें।

आज अन्नप्राशन के लिए औसत दिन है। यदि तिथि तय है, तो सुनिश्चित करें कि भोजन सर्वोत्तम समय में हो।

अगला बेहतर दिन

31 मई 204680/100 · उत्तम

आज Ideal नहीं — इस तारीख पर क्लिक करें

आज का पंचांग विश्लेषण

21 मई 2046 अन्नप्राशन के लिए स्कोर 50/100 है — पंचांग के अनुसार दिन मिश्रित माना जाता है। आज (सोमवार) तिथि Pratipada (Krishna पक्ष) है, नक्षत्र Jyeshtha, योग Shiva, और करण Kaulava। ये तत्व मिलकर अन्नप्राशन संस्कार करने के निर्णय को आकार देते हैं।

सकारात्मक संकेत: Positive energy alignment (Shiva yoga); Favorable day of the week. सावधानी के बिंदु: Challenging nakshatra (Jyeshtha). राहु काल 7:30 AM से 9:00 AM तक सक्रिय है — इस खिड़की में दस्तावेज़ या अंतिम निर्णय टालें। अभिजित मुहूर्त 11:36 AM–12:24 PM को सबसे स्थिर समय माना जाता है।

यदि आप इंतज़ार कर सकते हैं, तो अगला बेहतर दिन 31 मई 2046 है (स्कोर 80/100, Excellent)। कई परिवार Neutral/Avoid दिन पर तैयारी करते हैं और शुभ तिथि पर अंतिम कदम पूरा करते हैं।

सकारात्मक कारक

  • सकारात्मक योग (Shiva yoga)
  • शुभ वार
  • सहायक करण (Kaulava)

नकारात्मक कारक

  • चुनौतीपूर्ण नक्षत्र (Jyeshtha)
  • राहु काल सक्रिय 7:30 AM – 9:00 AM

अगली अच्छी तारीखें

संबंधित गतिविधियाँ

शेयर करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 21 मई 2046 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए अच्छा दिन है?
स्कोर: 50/100 — Neutral. Positive energy alignment (Shiva yoga)
21 मई 2046 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए सबसे अच्छा समय क्या है?
अभिजित मुहूर्त (11:36 AM – 12:24 PM) सबसे शुभ माना जाता है। राहु काल (7:30 AM – 9:00 AM) से बचें।
21 मई 2046 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए नकारात्मक कारक क्या हैं?
Challenging nakshatra (Jyeshtha). Rahu Kaal active 7:30 AM – 9:00 AM.
अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए अगला अच्छा दिन कब है?
31 मई 2046 का स्कोर 80/100 (Excellent) है।
पंचांग विवरण
तिथि: Pratipada (Krishna)
नक्षत्र: Jyeshtha
योग: Shiva
करण: Kaulava
राहु काल: 7:30 AM – 9:00 AM
अभिजित: 11:36 AM – 12:24 PM
अन्नप्राशन 21 मई 2046 — शुभ मुहूर्त | ShubhHaiKya | ShubhHaiKya.com