ShubhHaiKya.com

अन्नप्राशन — 17 नव॰ 2001

2001-11-17

← अन्नप्राशन मुहूर्त हब

62
शुभ

17 नव॰ 2001 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए शुभ दिन है।

आज पहले भोजन के संस्कार के लिए अच्छा दिन है। ब्रह्मांडीय ऊर्जा पोषण और नई शुरुआत का समर्थन करती है।

आज का पंचांग विश्लेषण

17 नव॰ 2001 अन्नप्राशन के लिए स्कोर 62/100 है — पंचांग के अनुसार दिन अनुकूल माना जाता है। आज (शनिवार) तिथि Dwitiya (Shukla पक्ष) है, नक्षत्र Jyeshtha, योग Sukarma, और करण Kaulava। ये तत्व मिलकर अन्नप्राशन संस्कार करने के निर्णय को आकार देते हैं।

सकारात्मक संकेत: Favorable lunar day (Dwitiya); Positive energy alignment (Sukarma yoga). सावधानी के बिंदु: Challenging nakshatra (Jyeshtha); Less favorable day of the week. राहु काल 9:00 AM से 10:30 AM तक सक्रिय है — इस खिड़की में दस्तावेज़ या अंतिम निर्णय टालें। अभिजित मुहूर्त 11:36 AM–12:24 PM को सबसे स्थिर समय माना जाता है।

व्यावहारिक दृष्टिकोण: स्कोर को अंतिम सत्य नहीं, बल्कि पारंपरिक पंचांग फिल्टर समझें। अंतिम निर्णय व्यक्तिगत, कानूनी और व्यावहारिक कारकों के साथ लें।

सकारात्मक कारक

  • शुभ तिथि (Dwitiya)
  • सकारात्मक योग (Sukarma yoga)
  • सहायक करण (Kaulava)
  • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चांद)

नकारात्मक कारक

  • चुनौतीपूर्ण नक्षत्र (Jyeshtha)
  • कम शुभ वार
  • राहु काल सक्रिय 9:00 AM – 10:30 AM

अगली अच्छी तारीखें

संबंधित गतिविधियाँ

शेयर करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 17 नव॰ 2001 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए अच्छा दिन है?
स्कोर: 62/100 — Good. Favorable lunar day (Dwitiya)
17 नव॰ 2001 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए सबसे अच्छा समय क्या है?
अभिजित मुहूर्त (11:36 AM – 12:24 PM) सबसे शुभ माना जाता है। राहु काल (9:00 AM – 10:30 AM) से बचें।
17 नव॰ 2001 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए नकारात्मक कारक क्या हैं?
Challenging nakshatra (Jyeshtha). Less favorable day of the week. Rahu Kaal active 9:00 AM – 10:30 AM.
अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए अगला अच्छा दिन कब है?
21 नव॰ 2001 का स्कोर 85/100 (Excellent) है।
पंचांग विवरण
तिथि: Dwitiya (Shukla)
नक्षत्र: Jyeshtha
योग: Sukarma
करण: Kaulava
राहु काल: 9:00 AM – 10:30 AM
अभिजित: 11:36 AM – 12:24 PM
अन्नप्राशन 17 नव॰ 2001 — शुभ मुहूर्त | ShubhHaiKya | ShubhHaiKya.com