ShubhHaiKya.com

अन्नप्राशन — 6 सित॰ 1988

1988-09-06

← अन्नप्राशन मुहूर्त हब

38
अशुभ

6 सित॰ 1988 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए अनुकूल नहीं माना जाता।

आज अन्नप्राशन की सलाह नहीं दी जाती। इस विशेष उपलब्धि के लिए अधिक शुभ दिन की प्रतीक्षा करना आदर्श होगा।

अगला बेहतर दिन

7 सित॰ 198872/100 · शुभ

आज Ideal नहीं — इस तारीख पर क्लिक करें

आज का पंचांग विश्लेषण

6 सित॰ 1988 अन्नप्राशन के लिए स्कोर 38/100 है — पंचांग के अनुसार दिन अनुकूल नहीं माना जाता है। आज (मंगलवार) तिथि Ekadashi (Krishna पक्ष) है, नक्षत्र Punarvasu, योग Vyatipata, और करण Bava। ये तत्व मिलकर अन्नप्राशन संस्कार करने के निर्णय को आकार देते हैं।

सकारात्मक संकेत: Supportive lunar phase (Bava). सावधानी के बिंदु: Challenging energy period (Vyatipata yoga); Less favorable day of the week. राहु काल 3:00 PM से 4:30 PM तक सक्रिय है — इस खिड़की में दस्तावेज़ या अंतिम निर्णय टालें। अभिजित मुहूर्त 11:36 AM–12:24 PM को सबसे स्थिर समय माना जाता है।

यदि आप इंतज़ार कर सकते हैं, तो अगला बेहतर दिन 7 सित॰ 1988 है (स्कोर 72/100, Good)। कई परिवार Neutral/Avoid दिन पर तैयारी करते हैं और शुभ तिथि पर अंतिम कदम पूरा करते हैं।

सकारात्मक कारक

  • सहायक करण (Bava)

नकारात्मक कारक

  • चुनौतीपूर्ण योग (Vyatipata yoga)
  • कम शुभ वार
  • राहु काल सक्रिय 3:00 PM – 4:30 PM

अगली अच्छी तारीखें

संबंधित गतिविधियाँ

शेयर करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 6 सित॰ 1988 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए अच्छा दिन है?
स्कोर: 38/100 — Avoid. Supportive lunar phase (Bava)
6 सित॰ 1988 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए सबसे अच्छा समय क्या है?
अभिजित मुहूर्त (11:36 AM – 12:24 PM) सबसे शुभ माना जाता है। राहु काल (3:00 PM – 4:30 PM) से बचें।
6 सित॰ 1988 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए नकारात्मक कारक क्या हैं?
Challenging energy period (Vyatipata yoga). Less favorable day of the week. Rahu Kaal active 3:00 PM – 4:30 PM.
अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए अगला अच्छा दिन कब है?
7 सित॰ 1988 का स्कोर 72/100 (Good) है।
पंचांग विवरण
तिथि: Ekadashi (Krishna)
नक्षत्र: Punarvasu
योग: Vyatipata
करण: Bava
राहु काल: 3:00 PM – 4:30 PM
अभिजित: 11:36 AM – 12:24 PM
अन्नप्राशन 6 सित॰ 1988 — शुभ मुहूर्त | ShubhHaiKya | ShubhHaiKya.com