ShubhHaiKya.com

अन्नप्राशन — 20 सित॰ 1987

1987-09-20

← अन्नप्राशन मुहूर्त हब

44
सामान्य

20 सित॰ 1987 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए सामान्य दिन है। सावधानी से आगे बढ़ें।

आज अन्नप्राशन के लिए औसत दिन है। यदि तिथि तय है, तो सुनिश्चित करें कि भोजन सर्वोत्तम समय में हो।

अगला बेहतर दिन

24 सित॰ 198777/100 · शुभ

आज Ideal नहीं — इस तारीख पर क्लिक करें

आज का पंचांग विश्लेषण

20 सित॰ 1987 अन्नप्राशन के लिए स्कोर 44/100 है — पंचांग के अनुसार दिन मिश्रित माना जाता है। आज (रविवार) तिथि Trayodashi (Krishna पक्ष) है, नक्षत्र Ashlesha, योग Siddha, और करण Gara। ये तत्व मिलकर अन्नप्राशन संस्कार करने के निर्णय को आकार देते हैं।

सकारात्मक संकेत: Positive energy alignment (Siddha yoga); Supportive lunar phase (Gara). सावधानी के बिंदु: Challenging nakshatra (Ashlesha). राहु काल 4:30 PM से 6:00 PM तक सक्रिय है — इस खिड़की में दस्तावेज़ या अंतिम निर्णय टालें। अभिजित मुहूर्त 11:36 AM–12:24 PM को सबसे स्थिर समय माना जाता है।

यदि आप इंतज़ार कर सकते हैं, तो अगला बेहतर दिन 24 सित॰ 1987 है (स्कोर 77/100, Good)। कई परिवार Neutral/Avoid दिन पर तैयारी करते हैं और शुभ तिथि पर अंतिम कदम पूरा करते हैं।

सकारात्मक कारक

  • सकारात्मक योग (Siddha yoga)
  • सहायक करण (Gara)

नकारात्मक कारक

  • चुनौतीपूर्ण नक्षत्र (Ashlesha)
  • राहु काल सक्रिय 4:30 PM – 6:00 PM

अगली अच्छी तारीखें

संबंधित गतिविधियाँ

शेयर करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 20 सित॰ 1987 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए अच्छा दिन है?
स्कोर: 44/100 — Neutral. Positive energy alignment (Siddha yoga)
20 सित॰ 1987 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए सबसे अच्छा समय क्या है?
अभिजित मुहूर्त (11:36 AM – 12:24 PM) सबसे शुभ माना जाता है। राहु काल (4:30 PM – 6:00 PM) से बचें।
20 सित॰ 1987 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए नकारात्मक कारक क्या हैं?
Challenging nakshatra (Ashlesha). Rahu Kaal active 4:30 PM – 6:00 PM.
अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए अगला अच्छा दिन कब है?
24 सित॰ 1987 का स्कोर 77/100 (Good) है।
पंचांग विवरण
तिथि: Trayodashi (Krishna)
नक्षत्र: Ashlesha
योग: Siddha
करण: Gara
राहु काल: 4:30 PM – 6:00 PM
अभिजित: 11:36 AM – 12:24 PM
अन्नप्राशन 20 सित॰ 1987 — शुभ मुहूर्त | ShubhHaiKya | ShubhHaiKya.com