ShubhHaiKya.com

अन्नप्राशन17 मार्च 1966

1966-03-17

← अन्नप्राशन मुहूर्त हब

49
सामान्य

17 मार्च 1966 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए सामान्य दिन है। सावधानी से आगे बढ़ें।

आज अन्नप्राशन के लिए औसत दिन है। यदि तिथि तय है, तो सुनिश्चित करें कि भोजन सर्वोत्तम समय में हो।

अगला बेहतर दिन

18 मार्च 196680/100 · उत्तम

आज Ideal नहीं — इस तारीख पर क्लिक करें

आज का पंचांग विश्लेषण

17 मार्च 1966 अन्नप्राशन के लिए स्कोर 49/100 है — पंचांग के अनुसार दिन मिश्रित माना जाता है। आज (गुरुवार) तिथि Ekadashi (Krishna पक्ष) है, नक्षत्र Uttara Ashadha, योग Parigha, और करण Bava। ये तत्व मिलकर अन्नप्राशन संस्कार करने के निर्णय को आकार देते हैं।

सकारात्मक संकेत: Favorable day of the week; Supportive lunar phase (Bava). सावधानी के बिंदु: Challenging energy period (Parigha yoga). राहु काल 1:30 PM से 3:00 PM तक सक्रिय है — इस खिड़की में दस्तावेज़ या अंतिम निर्णय टालें। अभिजित मुहूर्त 11:36 AM–12:24 PM को सबसे स्थिर समय माना जाता है।

यदि आप इंतज़ार कर सकते हैं, तो अगला बेहतर दिन 18 मार्च 1966 है (स्कोर 80/100, Excellent)। कई परिवार Neutral/Avoid दिन पर तैयारी करते हैं और शुभ तिथि पर अंतिम कदम पूरा करते हैं।

सकारात्मक कारक

  • शुभ वार
  • सहायक करण (Bava)

नकारात्मक कारक

  • चुनौतीपूर्ण योग (Parigha yoga)
  • राहु काल सक्रिय 1:30 PM – 3:00 PM

अगली अच्छी तारीखें

संबंधित गतिविधियाँ

शेयर करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 17 मार्च 1966 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए अच्छा दिन है?
स्कोर: 49/100 — Neutral. Favorable day of the week
17 मार्च 1966 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए सबसे अच्छा समय क्या है?
अभिजित मुहूर्त (11:36 AM – 12:24 PM) सबसे शुभ माना जाता है। राहु काल (1:30 PM – 3:00 PM) से बचें।
17 मार्च 1966 अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए नकारात्मक कारक क्या हैं?
Challenging energy period (Parigha yoga). Rahu Kaal active 1:30 PM – 3:00 PM.
अन्नप्राशन संस्कार करने के लिए अगला अच्छा दिन कब है?
18 मार्च 1966 का स्कोर 80/100 (Excellent) है।
पंचांग विवरण
तिथि: Ekadashi (Krishna)
नक्षत्र: Uttara Ashadha
योग: Parigha
करण: Bava
राहु काल: 1:30 PM3:00 PM
अभिजित: 11:36 AM12:24 PM
अन्नप्राशन 17 मार्च 1966 — शुभ मुहूर्त | ShubhHaiKya | ShubhHaiKya.com